यूपी के बुनकरों को योगी सरकार का बड़ा तोहफा, सरकारी अस्पतालों में स्थानीय हथकरघा उत्पादों की खरीद होगी अनिवार्य

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की पारंपरिक बुनकरी को बढ़ावा देने और बुनकरों को स्थायी बाजार उपलब्ध कराने के लिए योगी सरकार ने अहम फैसला लिया है। अब प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में इस्तेमाल होने वाली बेडशीट, तकिया कवर और गॉज बैंडेज की खरीद स्थानीय हथकरघा उत्पादों से की जाएगी। सरकार के इस कदम से राज्य के 2.13 लाख से अधिक बुनकरों को बड़ा और नियमित बाजार मिलने की उम्मीद है।

बुनकरों को मिलेगा स्थायी बाजार

सरकार का मानना है कि सरकारी संस्थानों में स्थानीय हथकरघा उत्पादों की खरीद बढ़ने से बुनकरों की आय और उनके कारोबार को मजबूती मिलेगी। साथ ही पारंपरिक बुनकरी से नई पीढ़ी को जोड़ने में भी मदद मिलेगी। इस पहल का उद्देश्य हथकरघा क्षेत्र को केवल सरकारी खरीद तक सीमित रखना नहीं, बल्कि पारंपरिक बुनकर परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत करना है।

समीक्षा बैठक में तैयार हुई आगे की रणनीति

विधान भवन में खादी एवं ग्रामोद्योग, हथकरघा व वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। बैठक में सरकारी चिकित्सा संस्थानों के लिए हथकरघा उत्पादों की आपूर्ति व्यवस्था को अंतिम रूप देने पर चर्चा की गई। मांग और आपूर्ति के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने के लिए आगे की व्यवस्था पर भी मंथन हुआ।

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर दिए निर्देश के बाद फैसला

यह निर्णय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से 7 अगस्त 2026 को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर दिए गए निर्देशों के क्रम में लिया गया है। सरकार का लक्ष्य स्थानीय हथकरघा उत्पादों की सरकारी खरीद बढ़ाकर बुनकरों के लिए बाजार का दायरा मजबूत करना है।

आपूर्ति में देरी रोकने के लिए नोडल अधिकारी होंगे तैनात

सरकारी अस्पतालों और अन्य चिकित्सा संस्थानों की जरूरत के अनुसार समय पर सामान उपलब्ध हो सके, इसके लिए विशेष नोडल अधिकारी नामित किए जाएंगे। ये अधिकारी चिकित्सा संस्थानों और उत्तर प्रदेश राज्य हथकरघा निगम के बीच समन्वय स्थापित करेंगे, ताकि मांग, आपूर्ति और वितरण की प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी न आए।

गुणवत्ता से लेकर भुगतान तक तय होंगे नियम

मंत्री राकेश सचान ने स्पष्ट किया कि हथकरघा उत्पादों की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। अधिकारियों को दर निर्धारण, गुणवत्ता जांच और भुगतान प्रक्रिया से जुड़े विस्तृत मानक संचालन नियम एक सप्ताह के भीतर तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

हथकरघा अर्थव्यवस्था को नई गति देने की तैयारी

सरकार की योजना सरकारी खरीद के जरिए प्रदेश के पारंपरिक बुनकर परिवारों को आर्थिक मजबूती देने की है। इससे स्थानीय हथकरघा उत्पादों की मांग बढ़ने के साथ प्रदेश के वस्त्रोद्योग क्षेत्र को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

 

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